
भारतीय राजनीति और शासन व्यवस्था में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो कभी कैमरे के सामने नहीं आते, लेकिन पर्दे के पीछे रहकर देश की सबसे बड़ी नीतियों और रणनीतियों को आकार देते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं Hiren Joshi, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद और पुराने सहयोगियों में से एक माने जाते हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में विशेष कार्य अधिकारी (OSD – Communications & Information Technology) के पद पर तैनात Hiren Joshi को लुटियंस दिल्ली में ‘पीएम मोदी की तीसरी आंख’ और ‘डिजिटल चाणक्य’ कहा जाता है।
हाल ही में, राजनीतिक गलियारों में Hiren Joshi की भूमिका और उनके कार्यकाल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 2025 के राजनीतिक परिदृश्य में, जहां डिजिटल युद्ध और नैरेटिव बिल्डिंग (Narrative Building) सबसे महत्वपूर्ण हो गया है, Hiren Joshi की रणनीतियां केंद्र सरकार की छवि और संचार को दिशा देने में निर्णायक साबित हो रही हैं। यह लेख Hiren Joshi के सफर, उनकी कार्यशैली और पीएमओ में उनकी अजेय स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
1. कौन हैं Hiren Joshi? गुजरात से दिल्ली तक का सफर
Hiren Joshi का पीएम मोदी के साथ जुड़ाव दशकों पुराना है। वह मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी।
- गुजरात के दिनों का साथ: जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब Hiren Joshi उनके साथ जुड़े। उन्होंने सीएमओ (CMO) गुजरात में डिजिटल और सोशल मीडिया संचार की नींव रखी थी। उस समय जब अधिकांश नेता इंटरनेट की ताकत से अनजान थे, Hiren Joshi ने मोदी ब्रांड को डिजिटल दुनिया में स्थापित करने का काम शुरू कर दिया था।
- दिल्ली का सफर: 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तो वह अपनी कोर टीम के साथ दिल्ली आए, और उस टीम में Hiren Joshi सबसे प्रमुख नामों में से एक थे। तब से लेकर आज तक, वह पीएमओ में संचार और आईटी विंग की कमान संभाले हुए हैं।
2. पीएमओ में क्या है Hiren Joshi की भूमिका? (डिजिटल वॉररूम के बॉस)
Hiren Joshi का पद ओएसडी (OSD) का है, लेकिन उनकी जिम्मेदारियां बहुत व्यापक और संवेदनशील हैं। वह पीएमओ के डिजिटल वॉररूम के प्रमुख माने जाते हैं।
- सोशल मीडिया रणनीति: प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट्स (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब) पर क्या जाएगा, कब जाएगा और किस भाषा में जाएगा, इसका अंतिम निर्णय अक्सर Hiren Joshi की टीम द्वारा लिया जाता है। पीएम मोदी की सोशल मीडिया पर जो वैश्विक पकड़ है, उसके पीछे Hiren Joshi की डेटा-आधारित रणनीति (Data-Driven Strategy) का बड़ा हाथ है।
- नैरेटिव मैनेजमेंट: सरकार की योजनाओं को जनता तक कैसे पहुँचाना है और विपक्ष के हमलों का डिजिटल जवाब कैसे देना है, इसकी रूपरेखा तैयार करने में Hiren Joshi की भूमिका अहम होती है। वह सुनिश्चित करते हैं कि सरकार का संदेश बिना किसी ‘शोर’ (Noise) के सीधे लाभार्थी तक पहुँचे।
- तकनीक और नवाचार: नमो ऐप (NaMo App) से लेकर मायगव (MyGov) प्लेटफॉर्म तक, सरकार की डिजिटल पहल के पीछे Hiren Joshi की सोच काम करती है। वह लगातार नई तकनीकों को अपनाकर प्रशासन को जनता के करीब लाने का प्रयास करते हैं।
3. ‘लो-प्रोफाइल’ रहने की कला और ताकत
Hiren Joshi की सबसे बड़ी खासियत उनकी ‘लो-प्रोफाइल’ रहने की शैली है। दिल्ली के पावर गलियारों में रहकर भी वह मीडिया की चकाचौंध से कोसों दूर रहते हैं।
- पर्दे के पीछे के खिलाड़ी: वह कभी इंटरव्यू नहीं देते, न ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाषण देते हैं। वह मानते हैं कि उनका काम बोलना चाहिए, न कि उनका चेहरा। उनकी यह कार्यशैली उन्हें पीएम मोदी का और भी अधिक विश्वासपात्र बनाती है, क्योंकि वह कभी भी ‘खबर’ नहीं बनते, बल्कि ‘खबर’ बनाते हैं।
- 24×7 काम करने की क्षमता: कहा जाता है कि Hiren Joshi पीएमओ में सबसे ज्यादा घंटे काम करने वाले अधिकारियों में से एक हैं। वह चौबीसों घंटे पीएम के संपर्क में रहते हैं और हर छोटी-बड़ी डिजिटल हलचल पर नजर रखते हैं।
4. 2025 और आगे की चुनौतियां
आने वाले समय में Hiren Joshi की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।
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